ट्रेन में सफर के दौरान खाली सॉकेट दिखते ही इंसान सबसे पहले अपने फोन की बैटरी चेक करता है।
अगर ये 80% भी है तो बंदा पूरी कोशिश करता है कि सॉकेट को खाली न रहने दे😜
जब तक फोन पूरा 100% नहीं हो जाता तब तक आदमी सॉकेट का पीछा नहीं छोड़ता...
कुछ एक तो ऐसे भी होते हैं जो 98% बैटरी होने पर भी खाली सॉकेट देखकर उसमें अपने चार्जर का प्लग घुसा देते हैं।
कुल मिलाकर खाली सॉकेट इंसान को उस सौंफ और मिश्री की तरह आकर्षित करता है जो होटल में खाने के बाद, बिल पे करते टाइम, रिसेप्शन पर पड़ी दिखती है।
#fact#

처럼
논평
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Dineshwar prasad Jaiswal
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Anil kumar Kewat
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